क्रिकेट का एक बेसिक नियम है कि कोई भी टीम चाहे कितनी भी कमजोर क्यों न हो लेकिन उसे कमजोर मानकर उसके साथ नहीं खेलना चाहिए। हम सभी ने देखा है कि कई बार कमजोर कही जाने वाली टीमों ने भी बड़ी टीमों को हराकर उलटफेर किया है। क्रिकेट के इतिहास में ऐसे बहुत से उदाहरण है लेकिन आज हम जिस मैच की बात करेंगे उस मैच में उलट-फेर होते-होते रह गया था।
हम बात कर रहे हैं जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के बीच 30 सितंबर 2004 को खेले गए श्रृंखला के पहले मैच की। इस मैच में पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही थी लेकिन जिम्बाब्वे की कसी हुई गेंदबाजी के सामने उनकी हालत खराब थी। 40 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 147 रन था। ऐसे में पाकिस्तान का 200 रन बनाना भी मुश्किल लग रहा था लेकिन पाकिस्तान के राहत की बात ये थी कि क्रीज पर अब्दुल रज्जाक 41 रन (85 गेंद) और शाहिद अफरीदी 12 रन (6 गेंद) मौजूद थे।
41 ओवर से दोनों ने ही अपने खेलने के स्टाइल को बदला और रनों की बारिश शुरू कर दी। हालांकि शाहिद अफरीदी 47वे ओवर में आउट हो गए लेकिन जाने से पहले उन्होने सिर्फ 26 गेंदों पर 58 रन (5 चौके, 4 छक्के) जड़ दिए। अब्दुल रज्जाक भी दूसरे छोर से आतिशबाजी में लगे रहे और 50 ओवर की समाप्ति पर रज्जाक का स्कोर था नाबाद 107 रन (114 गेंद, 5 चौका, 5 छक्का)। अब्दुल रज्जाक ने अंतिम 29 गेंदों पर 66 रन जड़ दिए थे।
इन दोनों की पारियों की बदौलत पाकिस्तान ने आखिरी 10 ओवर में 145 रन जड़ दिए। इस मार से बौखलाई जिम्बाब्वे की टीम अपनी पूरी पारी में उबर नहीं सकी और सिर्फ 148 रनों पर ढेर हो गई। पाकिस्तान ने यह मुकाबला 144 रनों से जीता था। यह उस वक्त अंतिम 10 ओवरों में बनाए गए सबसे ज्यादा रनों का रिकॉर्ड था जिसे बाद में दक्षिण अफ्रीका ने तोड़ दिया।
हम बात कर रहे हैं जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के बीच 30 सितंबर 2004 को खेले गए श्रृंखला के पहले मैच की। इस मैच में पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही थी लेकिन जिम्बाब्वे की कसी हुई गेंदबाजी के सामने उनकी हालत खराब थी। 40 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 147 रन था। ऐसे में पाकिस्तान का 200 रन बनाना भी मुश्किल लग रहा था लेकिन पाकिस्तान के राहत की बात ये थी कि क्रीज पर अब्दुल रज्जाक 41 रन (85 गेंद) और शाहिद अफरीदी 12 रन (6 गेंद) मौजूद थे।
41 ओवर से दोनों ने ही अपने खेलने के स्टाइल को बदला और रनों की बारिश शुरू कर दी। हालांकि शाहिद अफरीदी 47वे ओवर में आउट हो गए लेकिन जाने से पहले उन्होने सिर्फ 26 गेंदों पर 58 रन (5 चौके, 4 छक्के) जड़ दिए। अब्दुल रज्जाक भी दूसरे छोर से आतिशबाजी में लगे रहे और 50 ओवर की समाप्ति पर रज्जाक का स्कोर था नाबाद 107 रन (114 गेंद, 5 चौका, 5 छक्का)। अब्दुल रज्जाक ने अंतिम 29 गेंदों पर 66 रन जड़ दिए थे।
इन दोनों की पारियों की बदौलत पाकिस्तान ने आखिरी 10 ओवर में 145 रन जड़ दिए। इस मार से बौखलाई जिम्बाब्वे की टीम अपनी पूरी पारी में उबर नहीं सकी और सिर्फ 148 रनों पर ढेर हो गई। पाकिस्तान ने यह मुकाबला 144 रनों से जीता था। यह उस वक्त अंतिम 10 ओवरों में बनाए गए सबसे ज्यादा रनों का रिकॉर्ड था जिसे बाद में दक्षिण अफ्रीका ने तोड़ दिया।

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