अमेरिका की अगुवाई में पाकिस्तान की बर्बादी का प्लान तैयार हो रहा है। पेरिस में हो रही फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानि एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तानी की तबाही का प्लान रचा जा रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने के लिए प्रस्ताव रखा है।
जब कोई देश आतंकियों को फंडिंग कर रहा हो या आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के वादे पूरे न कर रहा हो तो उसे ग्रे लिस्ट में डालकर निगरानी की जाती है। अगर अमेरिकी की ये मंशा कामयाब होती है तोपाकिस्तान के लिए IMF, वर्ल्ड बैंक जैसी संस्था से मदद हासिल करना मुश्किल होगा। साथ ही देश में निवेश जुटाने के लिए पाकिस्तान को काफी परेशानी होगी। अमेरिकी की अर्थव्यवस्था पहले ही खस्ताहाल है, निगरानी सूची में नाम आया तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। भारत प्रस्ताव को समर्थन दिलाने की कोशिश कर रहा है।
निगरानी सूची में पाकिस्तान का शामिल होना आतंकवाद के खिलाफ भारत की काफी बड़ी कामयाबी होगी। इससे पाकिस्तान के आतंकी मंसूबों का खात्मा करना बेहत आसान हो जाएगा। और तो और अर्थव्यवस्था की दोहरी मार से पाकिस्तान को उबरने में नाकों चने चबाने होंगे। पाकिस्तान की दुनिया में छवि को देखते हुए उसे ग्रे लिस्ट में शामिल किए जाने का दावा सही हो सकता है।
जब कोई देश आतंकियों को फंडिंग कर रहा हो या आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के वादे पूरे न कर रहा हो तो उसे ग्रे लिस्ट में डालकर निगरानी की जाती है। अगर अमेरिकी की ये मंशा कामयाब होती है तोपाकिस्तान के लिए IMF, वर्ल्ड बैंक जैसी संस्था से मदद हासिल करना मुश्किल होगा। साथ ही देश में निवेश जुटाने के लिए पाकिस्तान को काफी परेशानी होगी। अमेरिकी की अर्थव्यवस्था पहले ही खस्ताहाल है, निगरानी सूची में नाम आया तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। भारत प्रस्ताव को समर्थन दिलाने की कोशिश कर रहा है।
निगरानी सूची में पाकिस्तान का शामिल होना आतंकवाद के खिलाफ भारत की काफी बड़ी कामयाबी होगी। इससे पाकिस्तान के आतंकी मंसूबों का खात्मा करना बेहत आसान हो जाएगा। और तो और अर्थव्यवस्था की दोहरी मार से पाकिस्तान को उबरने में नाकों चने चबाने होंगे। पाकिस्तान की दुनिया में छवि को देखते हुए उसे ग्रे लिस्ट में शामिल किए जाने का दावा सही हो सकता है।

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