आपके सामने एमएस धोनी खड़ा है. वो अपने ग्लव्स बांध रहा है. जैसा कि वो हर बॉल के बाद करता है. हर बार स्ट्राइक लेने से पहले. लेकिन एक काम वो बहुत ही कम करता है (लगभग नहीं ही करता है) – अपने गुस्से का इज़हार करना. धोनी ने कल साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ ऐसा किया. ये इतिहास का बहुत बड़ा हिस्सा था. ये एक घटना थी जिसके अगर आप गवाह बने तो आप भी इतिहास के हिस्सेदार बन गए थे. खैर, अगर आपने उस मौके को नहीं देखा तो आप देख सकते हैं.
Doesn’t matter if you are highest scorer of the innings, the moment you don’t trust Dhoni’s call for a couple. You deserve this. #DilSeCaptainpic.twitter.com/MueXxa68s7
— Gabbbar (@GabbbarSingh) February 21, 2018
तो हुआ ये कि इंडिया की इनिंग्स का आख़िरी ओवर था. मनीष पांडे 79 रन बनाकर खेल रहे थे. वो इंडिया के लिए बढ़िया फिनिशर का रोल निभा सकते थे. लिहाज़ा धोनी बाकायदे चाहते थे कि मनीष स्ट्राइक पकड़े रहें. पांडे पिछली कुछ गेंदों को अच्छी तरह से खेल कर आए थे. वो गेंद पर नज़रें जमा कर खेल रहे थे. ये सब धोनी ने अपने दिमाग में रखा हुआ था. आख़िरी ओवर की पहली गेंद पर धोनी के मुताबिक़ 2 रन निकाले जा सकते थे लेकिन पांडे ने मना कर दिया. वो धोनी से ज़्यादा गेंद पर नज़रें गड़ा कर दौड़ रहे थे. धोनी के पास स्ट्राइक पहुंची. धोनी ने ग्लव्स दोबारा चिपकाते हुए मनीष को चीख कर पुकारा और उन्हें डांट पिलाई.
इसके बाद धोनी ने ताबड़तोड़ खेला और अगली 3 गेंदों में 1 छक्का और 2 चौके जड़े. अपनी दूसरी टी-20 हाफ़ सेंचुरी बनाई. इंडिया को 188 रन तक पहुंचाया. लेकिन इतना तो यकीन है कि अगले काफ़ी वक़्त तक मनीष पांडे को धोनी की ये सीख याद रहेगी.
Doesn’t matter if you are highest scorer of the innings, the moment you don’t trust Dhoni’s call for a couple. You deserve this. #DilSeCaptainpic.twitter.com/MueXxa68s7
— Gabbbar (@GabbbarSingh) February 21, 2018
तो हुआ ये कि इंडिया की इनिंग्स का आख़िरी ओवर था. मनीष पांडे 79 रन बनाकर खेल रहे थे. वो इंडिया के लिए बढ़िया फिनिशर का रोल निभा सकते थे. लिहाज़ा धोनी बाकायदे चाहते थे कि मनीष स्ट्राइक पकड़े रहें. पांडे पिछली कुछ गेंदों को अच्छी तरह से खेल कर आए थे. वो गेंद पर नज़रें जमा कर खेल रहे थे. ये सब धोनी ने अपने दिमाग में रखा हुआ था. आख़िरी ओवर की पहली गेंद पर धोनी के मुताबिक़ 2 रन निकाले जा सकते थे लेकिन पांडे ने मना कर दिया. वो धोनी से ज़्यादा गेंद पर नज़रें गड़ा कर दौड़ रहे थे. धोनी के पास स्ट्राइक पहुंची. धोनी ने ग्लव्स दोबारा चिपकाते हुए मनीष को चीख कर पुकारा और उन्हें डांट पिलाई.
इसके बाद धोनी ने ताबड़तोड़ खेला और अगली 3 गेंदों में 1 छक्का और 2 चौके जड़े. अपनी दूसरी टी-20 हाफ़ सेंचुरी बनाई. इंडिया को 188 रन तक पहुंचाया. लेकिन इतना तो यकीन है कि अगले काफ़ी वक़्त तक मनीष पांडे को धोनी की ये सीख याद रहेगी.

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