नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को देश में निर्मित एवं परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम तथा 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के एक परीक्षण केंद्र से सफल रात्रि परीक्षण किया।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि सेना द्वारा प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल को रात करीब साढ़े आठ बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के प्रक्षेपण परिसर-3 से दागा गया।
इस सटीक परीक्षण से पहले 18 जनवरी को अग्नि-5, छह फरवरी को अग्नि-1 और मंगलवार (20 फरवरी) को अग्नि-2 का ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया गया था।
आपको बता दें कि अत्याधुनिक पृथ्वी-2 मिसाइल 500 से एक हजार किलोग्राम तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके साथ ही ये 1000 किलो तक का वजन साथ ले जा सकती है, जिसके चलते यह युद्ध स्थिति में सेना को अधिक मदद पहुंचाएगी। यह दोहरे इंजन वाली तरल प्रणोदक चालित है।
इसमें लक्ष्य को भेदने के लिए आधुनिक जड़त्वीय दिशा-निर्देशन प्रणाली लगी है और यह अपने प्रक्षेप पथ पर बड़ी कुशलता से आगे बढ़ती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिकों की देखरेख में इसका प्रशिक्षण किया गया है।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि सेना द्वारा प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल को रात करीब साढ़े आठ बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के प्रक्षेपण परिसर-3 से दागा गया।
इस सटीक परीक्षण से पहले 18 जनवरी को अग्नि-5, छह फरवरी को अग्नि-1 और मंगलवार (20 फरवरी) को अग्नि-2 का ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया गया था।
आपको बता दें कि अत्याधुनिक पृथ्वी-2 मिसाइल 500 से एक हजार किलोग्राम तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके साथ ही ये 1000 किलो तक का वजन साथ ले जा सकती है, जिसके चलते यह युद्ध स्थिति में सेना को अधिक मदद पहुंचाएगी। यह दोहरे इंजन वाली तरल प्रणोदक चालित है।
इसमें लक्ष्य को भेदने के लिए आधुनिक जड़त्वीय दिशा-निर्देशन प्रणाली लगी है और यह अपने प्रक्षेप पथ पर बड़ी कुशलता से आगे बढ़ती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिकों की देखरेख में इसका प्रशिक्षण किया गया है।

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