मंगल ग्रह पर मौजूद नासा के क्यूरोसिटी ने अपनी लाजवाब सेल्फी धरती पर भेजी है. इस तस्वीर में रोवर मंगल के वेरा रुबीन रिज के ऊपर खड़ा दिखाई दे रहा है. ये रोवर पिछले कई महीनों से इस रिज की पड़ताल कर रहा है.
रोवर के ठीक पीछे क्ले वाली ढलान दिखाई दे रही है, जिसकी खोज करने के लिए वैज्ञानिक उतावले हो रहे हैं. आने वाले कुछ हफ्तों में क्यूरोसिटी इस ढलान पर चढ़ाई करने जा रहा है. सेल्फी में बायीं ओर उत्तर है और दायीं तरफ दक्षिण है, जबकि दोनों सिरे के क्षितिज पर गेल क्रेटर का रिम नजर आ रहा है.
क्यूरोसिटी के सबसे ऊपरी हिस्से के पीछे से माउंट शार्प रोबोट की इस सेल्फी की मिज़ाज को बिगाड़ता नजर आ रहा है. दरअसल पांच साल पहले जब क्यूरोसिटी ने मंगल पर अपने कदम रखे थे तब इरादा यही था कि ये रोबोट माउंट शार्प के निचले हिस्से का अध्ययन करेगा और ग्रह पर बाकी समय इस जगह पर गुजारेगा. पर्वत की तराई वाला इलाके से लाखों साल पहले बनी परतों तक पहुंचना आसान हो जाता है. ये परत जल की मौजूदगी से बनी थी. संभव है किसी एक झील या उन कई झीलों के यहां तलछट जमा हो गए थे और गेल क्रेटर की भीतर परतों का निर्माण हो गया था.
क्यूरोसिटी की सेल्फी उन दर्जनों छोटे चित्रों से बनी है जिन्हें मार्स हैन्ड्स लेंस इमेजर ने खींचा है.
रोवर के ठीक पीछे क्ले वाली ढलान दिखाई दे रही है, जिसकी खोज करने के लिए वैज्ञानिक उतावले हो रहे हैं. आने वाले कुछ हफ्तों में क्यूरोसिटी इस ढलान पर चढ़ाई करने जा रहा है. सेल्फी में बायीं ओर उत्तर है और दायीं तरफ दक्षिण है, जबकि दोनों सिरे के क्षितिज पर गेल क्रेटर का रिम नजर आ रहा है.
क्यूरोसिटी के सबसे ऊपरी हिस्से के पीछे से माउंट शार्प रोबोट की इस सेल्फी की मिज़ाज को बिगाड़ता नजर आ रहा है. दरअसल पांच साल पहले जब क्यूरोसिटी ने मंगल पर अपने कदम रखे थे तब इरादा यही था कि ये रोबोट माउंट शार्प के निचले हिस्से का अध्ययन करेगा और ग्रह पर बाकी समय इस जगह पर गुजारेगा. पर्वत की तराई वाला इलाके से लाखों साल पहले बनी परतों तक पहुंचना आसान हो जाता है. ये परत जल की मौजूदगी से बनी थी. संभव है किसी एक झील या उन कई झीलों के यहां तलछट जमा हो गए थे और गेल क्रेटर की भीतर परतों का निर्माण हो गया था.
क्यूरोसिटी की सेल्फी उन दर्जनों छोटे चित्रों से बनी है जिन्हें मार्स हैन्ड्स लेंस इमेजर ने खींचा है.

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